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पांच तरीकों को अपनाकर टूटी हुई हड्डी का कैसे करें चुटकियों में इलाज ?

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पांच तरीकों को अपनाकर टूटी हुई हड्डी का कैसे करें चुटकियों में इलाज ?

फ़्रैक्चर या टूटी हुई हड्डी को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है नहीं तो आगे चल के व्यक्ति के लिए काफी परेशानी हो सकती है। इसके अलावा बहुत से लोगों का ये सवाल है की हम फ़्रैक्चर का इलाज खुद से कैसे करें जिससे हमे किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े, तो चलिए जानते है की कौन-से तरीके है लाभकारी फ़्रैक्चर के इलाज में ;

फ़्रैक्चर क्या है ?

  • हड्डी के टूटने को फ्रैक्चर माना जाता है, परन्तु यह जरुरी नहीं कि हड्डी हमेशा टूटने पर ही फ्रैक्चर हो, हड्डी में हल्का सा क्रैक आने पर भी फ्रैक्चर होता है। 
  • शरीर के किसी भी हिस्से की हड्डी में फ्रैक्चर हो सकता है। हड्डी में फ्रैक्चर होने के कई तरीके है, जैसे वह हड्डी का टूटना जिससे आसपास की त्वचा और टिश्यू को कोई नुकसान नहीं पहुँचता, जिससे इस फ्रैक्चर को निकटम फ्रैक्चर के नाम से जाना जाता है। 

फ़्रैक्चर या हड्डी टूटने के कारण अगर आपको किसी भी तरह की समस्या का सामना करना पड़े तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना में बेस्ट ऑर्थो डॉक्टर का चयन करना चाहिए।

टूटी हुई हड्डी या फ़्रैक्चर से कैसे करें खुद का बचाव ?

इससे बचाव के लिए जरूरी है की अगर आप अपना इलाज कही से करवा रहें है, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें की आपको किस तरह के इलाज की जरूरत पड़ सकती है ;

  • फिर टूटी हुई हड्डियों को बेस देने के लिए उसके आसपास गद्दी या तकिया रख दें। इसके अलावा चोट वाली जगह पर हल्दी चूना गर्म करके लगाएं औऱ गर्म पट्टी बांध दें, ध्यान रहे ये केवल कुछ देर का ही इलाज है इस उपाय के बाद पीड़ित व्यक्ति को थोड़ी राहत मिलेगी जिसके बाद आप मरीज़ को डॉक्टर के पास ले जा सकते है।  
  • किसी भी तरह के फ्रैक्चर का इलाज करने से पहले ये देखें कि आपका फ्रैक्चर कहीं से खुला तो नहीं है। अगर चोट कहीं से खुल गई है या उसमे से खून बह रहा है तो सबसे पहले ब्लीडिंग रोकने का उपाय करें, और इसके लिए चोट वाली जगह की ड्रेसिंग करके इसे कवर कर दें। उसके बाद डॉक्टर के पास जाकर एक्स-रे ज़रूर करवाएं इससे अंदरूनी चोट का भी पता लग जाएगा।
  • हड्डियों को चेक करते रहें, और साथ ही फ्रैक्चर का इलाज आपको तब करना है, जब हड्डियां टूटी हुई हों, इसलिए अगर आपको शक है कि हड्डी टूट गई है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और अगर आप चोट को लेकर कंफ्यूज है तो चोट वाली जगह को हिलाकर देखें, अगर तेज़ दर्द महसूस हो तो उसे वैसे ही छोड़ दें, और उसमे किसी भी तरह के उपाय को न अपनाए। 
  • अगर आपको अचानक से चोट लग गई है या हड्डी टूटने पर आपको असहनिय दर्द हो रहा है, तो इस स्थिति में पीड़ित व्यक्ति की हालत अस्पताल तक जाने की भी नहीं होती, खासकर अगर चोट पैर में लगी हो। इसलिए इस स्थिति से खुद का बचाव करने के लिए आपको एक सूती कपड़ा लेना है और उसमें कुछ बर्फ के टुकड़े डाल दें, उसके बाद चोट वाली जगह की सिकाई करें, इससे पीड़ित व्यक्ति को काफी आराम महसूस होगा।
  • अगर किसी व्यक्ति को गले, पीठ या अन्य किसी नाजुक जगह पर फ्रैक्चर है, तो उस जगह को बिल्कुल भी हिलने-डुलने ना दें, बल्कि उस जगह को स्थिर करके रखें, हाथ, पैरों में चोट है, तो उसके नीचे तकिया लगा दें, जिससे मरीज़ को काफी आराम मिलेगा।

अगर आपके पीठ या रीढ़ के हड्डी का हिस्सा चोट ग्रस्त है, तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना में बेस्ट स्पाइन सर्जन का चयन करना चाहिए।

सुझाव :

आपके हड्डी में लगी हल्की सी चोट को भी कृपया नज़रअंदाज़ न करें, बल्कि इसके बचाव के लिए उपरोक्त उपायों को अपनाए और जल्द डॉक्टर का चयन करें। 

इसके अलावा फस्ट ऐड करने के बाद गंभीर चोट में आपको कल्याण हॉस्पिटल का चयन करना चाहिए। 

 

अकसर पूछे जाने वालें प्रश्न ;

क्या आप इन टूटी हड्डियों को ठीक कर सकते है, अगर हां तो कैसे ?

जी हां, आप इन हड्डियों के चोट को ठीक कर सकते है, और इसको ठीक करने के लिए आप डॉक्टर के संपर्क में आए, इसके अलावा इसको ठीक करने के लिए आप आपके नाजुक हिस्से में चोट लगी है तो इसको सहारा देने के लिए आप तकिये का सहारा भी लें सकते है। 

क्या टूटी हुई हड्डी को हमेशा के लिए ठीक करने में मदद मिलती है ?

टूटी हुई हड्डी हमेशा के लिए आपकी तभी ठीक हो सकती है, जब आपके द्वारा अपने चोट को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। 

आप टूटी हुई हाइपोइड हड्डी का इलाज कैसे करते है ?

हालाँकि इस तरह की चोटें संभावित रूप से जीवन-घातक होती है, जिसके परिणामस्वरूप कभी-कभी गंभीर श्वसन संकट का सामना भी आपको करना पड़ सकता है। गंभीर वायुमार्ग समझौता के मामलों में वायुमार्ग को सुरक्षित करने के लिए आपातकालीन ऑरोट्रैचियल इंटुबैषेण या सर्जिकल ट्रेकियोस्टोमी की आवश्यकता होती है।

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