दरअसल, यह लगभग सभी जानते हैं, कि हवा में बढ़ता हुआ प्रदूषण सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है। इसके कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिससे वह सारा दिन परेशान रहते हैं। ऐसे में उनको सांस लेना भी काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। आम तौर पर, आज प्रदूषण की बढ़ती रफ्तार के कारण न केवल लोगों को अस्थमा जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, बल्कि इस से लोगों के लंग्स भी लगातार प्रभावित होते रहते हैं। इसके अलावा, इसकी वजह से लोगों के शरीर के बाकी हिस्से भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाते हैं। इस तरह की स्थिति में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण गठिया की बीमारी है, जिसे अर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है। आर्थराइटिस जैसी समस्या ज्यादातर खराब लाइफस्टाइल और ऑटो इम्यून के कारण होती है, पर आज लगातार खराब हो रहे AQI की वजह से भी इसका असर जोड़ों के दर्द में देखने को मिल सकता है। जिससे अर्थराइटिस के मरीजों की परेशानी काफी ज्यादा बढ़ सकती है। खराब AQI के कारण अर्थराइटिस के मरीजों के जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है और जोड़ों में सूजन और काम न कर पाना जैसी समस्या काफी ज्यादा हैरान कर सकती है। आइये इस के माध्यम से इसके बारे में और जानकारी प्राप्त करते हैं।
खराब AQI के कारण जोड़ों में होने वाले दर्द के लक्षण!
दरअसल, डॉक्टर के अनुसार लगातार बढ़ते और खराब AQI के लेवल की वजह से लोगों में आर्थराइटिस जैसी समस्या के लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते हैं, दरअसल यह लक्षण शरीर में धीरे-धीरे पनपते हैं और आर्थराइटिस जैसी समस्या को जनम देते हैं। इसलिए, लोगों को अपने हर लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी समस्या से जूझ रहा होता है, तो ऐसे व्यक्तियों को खराब AQI जैसी स्थिति में अपना ख़ास ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि हवा में मौजूद NO2 और O3 के बढ़े हुए लेवल की वजह से रूमेटाइड अर्थराइटिस जैसी समस्या के लक्षण और भी ज्यादा गंभीर और काफी ज्यादा बढ़ सकता है। दरअसल, खराब AQI के कारण जोड़ों में होने वाले दर्द के लक्षण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
1. लंबे समय तक बैठे रहने पर जोड़ों में जकड़न महसूस होना।
2. सुबह के वक्त जोड़ों का अकड़ना।
3. जोड़ों में तेज दर्द महसूस होना।
4. हाथ पैरों में सूजन की समस्या होना।
5. जोड़ों में भारीपन महसूस होना।
6. पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में काफी ज्यादा तकलीफ होना।
7. जोड़ों में दर्द के चलते कोई भी फिजिकल काम न कर पाना।
8. जोड़ों में लगी हुई पुरानी चोट में दोबारा से दर्द होना
9. जोड़ों में काफी ज्यादा जलन जैसी समस्या महसूस होना।
खराब AQI के कारण अर्थराइटिस से बचाव के तरीके
दरअसल, डॉक्टर के अनुसार खराब AQI की वजह से अर्थराइटिस होने वाली समस्याओं से बचने के लिए आप निम्नलिखित उपायों को अपना सकते हैं, जैसे कि
1. केवल जरूरी काम के लिए ही बाहर जाना
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि वैसे तो सुबह और शाम की सैर करना सभी के लिए लाभदायक होता है, पर जो लोग विशेष तौर पर जो लोग जोड़ों में दर्द और अर्थराइटिस जैसी समस्या से पीड़ित होते हैं, असल में उनको सुबह -शाम की सैर से अपने आप को बचाना चाहिए। बाहर की हवा खाने के लिए आप घर पर ही थोड़ी देर के लिए चल फिर सकते हैं, पर ज्यादा नहीं। बिना किसी वजह के बाहर जाने से अपने आप को रोकना चाहिए। समस्या से राहत पाने के लिए आप घर पर ही योगासन या फिर वॉक कर सकते हैं, यह आपके लिए काफी ज्यादा सुरक्षित हो सकता है।
2. बाहर जाते वक़्त मास्क ज़रूर पहनें
आम तौर पर, अगर इस तरह की स्थिति में आपका बाहर जाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है, तो आप इस दौरान एक आम मास्क की जगह N95 या फिर N99 मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपके लिए काफी ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है। इस तरह के मास्क से आप हवा में मौजूद प्रदूषित पार्टिकल्स से बचे रहते हैं।
3. घर में प्यूरीफायर लगवाए
डॉक्टर के अनुसार, अपने घर में आप हवा के पॉल्यूशन को कम करने के लिए एयर प्यूरीफायर लगवा सकते हैं। सही वेंटिलेशन से भी घर के प्रदूषण को कम किया जा सकता है।
4. अपनी डाइट का अच्छे से ध्यान रखना
दरअसल, जो लोग ज्यादातर आर्थराइटिस जैसी समस्या से पीड़ित होते हैं, उनको अपनी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा-3 फैटी एसिड और शरीर की सूजन को कम करने वाले न्यूट्रिशन को ही शामिल करना चाहिए।
निष्कर्ष: प्रदूषण की वजह से लोगों को कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें, न केवल सांस से जुड़ी समस्याएं शामिल होती है, बल्कि इससे गठिया यानी कि अर्थराइटिस जैसी समस्या भी हो सकती है। हालांकि, अर्थराइटिस की समस्या काफी हद तक खराब लाइफस्टाइल और ऑटो इम्यून से जुड़ी हुई होती है, पर आज खराब AQI की वजह से इसका असर जोड़ों के दर्द में भी देखने को मिल सकता है। हाँ, खराब AQI के कारण अर्थराइटिस के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। लाइफस्टाइल में सुधार करके भी जोड़ों के दर्द को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। अगर लाइफस्टाइल में बदलाव करने के बावजूद भी जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या लगातार बनी रहती है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। ताकि वक्त रहते समस्या के लक्षणों की पहचान की जा सके और इलाज शुरू किया जा सके। जो लोग पहले से ही आर्थराइटिस जैसी समस्या से पीड़ित होते हैं, दरअसल उनको समय-समय पर डॉक्टर से अपनी जांच करवाते रहना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और आर्थराइटिस या फिर हड्डियों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही कल्याण हॉस्पिटल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
























