ये 3 योगासन, जो आपकी रीढ़ की हड्डी को सेहतमंद रखने के लिए हो सकते हैं फायदेमंद, योग विशेषज्ञों से जाने

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    Back pain relief at Kalyan Hospital with advanced back surgery treatments.

    दरअसल, रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए योग करना बेहद जरूरी है, लेकिन कई लोग अपनी जिंदगी, अपने काम और अपने भविष्य के करियर में इतने व्यस्त रहते हैं, कि वह अपनी सेहत पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे पाते। इसके साथ ही कई लोग ऐसे भी हैं, जो डेस्क जॉब करते हैं और वह जॉब लगातार कई घंटों की होती है। ऐसे में लगातार एक ही पोस्चर में बैठकर काम करने और अपनी सेहत पर बिल्कुल भी ध्यान न देने के कारण उन लोगों को कमर में दर्द होने लगता है, जिससे उनकी जीवनशैली काफी प्रभावित होती है। आज के समय में दिनभर बैठे रहने के कारण युवा पीढ़ी में कमर दर्द और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कई तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं। दरअसल, ऐसी स्थिति होने पर रीढ़ की हड्डी पर बुरा असर पड़ता है, जिससे व्यक्ति को कमर से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आपको बता दें, इस तरह की स्थिति होने के बावजूद अगर आप अपनी जीवनशैली में कुछ योगासन शामिल करते हैं, तो आप अपनी रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रख सकते हैं। वह कौन से योगासन हैं, जो रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रख सकते हैं? तो आइए इस लेख के जरिए डॉक्टर से इसके बारे में सही जानकारी प्राप्त करते हैं।

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    1. भुजंगासन: 

    भुजंगासन, असल में रीढ़ की हड्डी के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। अगर नियमित रूप से भुजंगासन को किया जाये, तो इससे बॉडी काफी ज्यादा फ्लेक्सिबल होती है और साथ में रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बरकरार रहता है। दरअसल, इस योग के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी काफी ज्यादा स्ट्रेच होती है और साथ में व्यक्ति की कमर में भी मजबूती आती है। अगर आपको किसी वजह से रोजाना पीठ या फिर कमर में दर्द की समस्या बनी रहती है, तो इस तरह का योगासन आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। अगर आप रोजाना एक ही स्थिति में बैठे रहते हैं, तो आपको जरूर रोज सुबह 15 से 20 मिनट यह योगासन करना चाहिए। 

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    2. बालासन: 

    बालासन, आम तौर पर, एक व्यक्ति के शरीर की स्थिति को बेहतर बनता है और साथ में रीढ़ की हड्डी को बिलकुल सीधा रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। आपको बता दें, कि इस योग आसन का रोजाना अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी से जुडी समस्यायों को दूर किया जा सकता है। बालासन का अभ्यास करने से पीठ पर काफी ज्यादा दवाब पड़ता है, क्योंकि इस दौरान शरीर आगे की तरफ झुका हुआ होता है। इस आसन की सहायता से रीढ़ की हड्डी स्ट्रेच होती है और फ्लेक्सिबल बनती है।

    3. उर्ध्व मुख पासासन

    आपको बता दें कि उर्ध्व मुख पासासन को थ्रेड द नीडल पोज के नाम से भी जाना जाता है। आम तौर पर, यह योगासन रीढ़ की हड्डी को सेहतमंद और मजबूत बनाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। इस योगासन के अभ्यास से पीठ पर काफी ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे पीठ के दर्द से राहत मिलती है और अकड़न से छुटकारा मिलता है। यह योगासन रीढ़ की हड्डी के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसकी मदद से पीठ की मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है।

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    निष्कर्ष: 

    आज के समय में हर कोई, चाहे वह बुजुर्ग हो या युवा, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं। अपनी व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग अपने स्वास्थ्य पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते, जिसके कारण उन्हें रीढ़ की हड्डी जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर आप रोज सुबह भुजंगासन, बालासन जैसे योगासन का अभ्यास करते हैं, तो आपको रीढ़ की हड्डी से जुडी समस्यायों से छुटकारा मिल सकता है। अगर इन योगासन का अभ्यास करने के बावजूद भी आपकी रीढ़ की हड्डी से जुडी समस्या खत्म नहीं हो रही है, तो आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। अगर आप इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप आज ही कल्याण अस्पताल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।