जोड़ों के दर्द से मुक्ति पाने के लिए अपनाएं ऑर्थोस्कोपी सर्जरी

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    जोड़ों के दर्द से मुक्ति के लिए ऑर्थोस्कोपी सर्जरी

    क्या आप भी जोड़ों के दर्द की समस्या से पीड़ित है और इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक किफायती ऑर्थोस्कोपी उपचार केंद्र की खोज कर रहे है तो इसमें कल्याण हॉस्पिटल आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकते है | कल्याण हॉस्पिटल में मौजूद सभी डॉक्टर्स अनुभवी ऑर्थोपेडिक्स है, इसलिए ऑर्थोस्कोपी सर्जरी को करवाने के लिए और इसके लगत के बारे में जानने के लिए आज ही कल्याण हॉस्पिटल की वेबसाइट पर जाएं और परामर्श के लिए अपनी अपोईंमेंट को बुक करें | आइये जानते है ऑर्थोस्कोपी सर्जरी के बारे में विस्तारपूर्वक से :-  

    आर्थोस्कोपी क्या होता है ? 

    ऑर्थोस्कोपी एक ऐसी सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसकी मदद से शरीर में मौजूद जोड़ों से संबंधित समस्याओं का पता लगाकर उनका स्थायी रूप से इलाज किया जाता है | आमतौर यह सर्जरी कंधे, कूल्हे, कलाई, कोहनी और घुटने आदि के जोड़ों पर की जाती है | ऑर्थोस्कोपी केवल ऑर्थोपेडिक सर्जन द्वारा ही किया जा सकता है | ऑर्थोस्कोपी प्रकिया के दौरान सर्जन ऑर्थोस्कोप नामक उपकरण उपयोग करता है, जिसके सामने वाले सिरे में एक लाइट और कैमरा लगा हुआ होता है | इस उपकरण के इस्तेमाल से सर्जन प्रभावित जोड़ों के हिस्से को अपनी कंप्यूटर स्क्रीन में देखता है फिर ऑर्थोस्कोप, जो मेडिकल उपकरण होता है, जिसका पेन्सिल की तरह आकार होता है, उसे मरीज़ के शरीर के अंदर डाला जाता है और उससे  प्रभावित हिस्से की जांच और इलाज किया जाता है | इस प्रक्रिया के दौरान, ऑर्थोस्कोप के साथ-साथ दूसरे अन्य उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिनकी मदद से प्रभावित जोड़ों के हिस्से को काटकर निकाल दिया जाता है और उसका इलाज किया जाता है | आर्थोस्कोपी सर्जरी की प्रक्रिया के दौरान उपयोग किये होने वाले सभी उपकरण आकार में बहुत छोटे होते है, इसलिए इसे मरीज़ के शरीर में डालने के लिए बेहद छोटे से काट लगाने की ज़रुरत पड़ती है | 

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    आर्थोस्कोपी सर्जरी की कैसे की जाती है तैयारी ?       

    यदि आप ऑर्थोस्कोपी सर्जरी को करवाने के लिए जा रहे है तो इसके लिए आपको सबसे पहले निम्नलिखित प्रारंभिक चरणों का अनुसरण ज़रूर करना चाहिए, जिसमें शामिल है :- 

    • सर्जन को अपने पूरे मेडिकल इतिहास के बारे में और अपने किसी भी तरह के एलर्जी के बारे में ज़रूर बताएं, ताकि सर्जन उस समस्या के आधार पर ही सर्जरी की तैयारी कर सकें |   
    • अपने सभी कीमती समान जैसे की घड़ियाँ, गहने आदि को घर ही छोड़ कर आएं | 
    • आपको सर्जरी से आठ से दस घंटे पहले खाली पेट रहना पड़ सकता है, लेकिन इस यह बात पर निर्भर करता है की आपकी सर्जरी किस एनेस्थीसिया के तहत की जा रही है | 
    • सर्जरी वाले दिन आरामदायक और ढीले कपडे ही पहन कर ही आएं, ताकि आपको किसी भी प्रकार की परेशानी से गुजरना न पड़े |    

    ऑर्थोस्कोपी सर्जरी की ज़रुरत कब होती है ? 

    ऑर्थोस्कोपी सर्जरी आमतौर पर एक मामूली सर्जरी की तरह होता है, जिसकी मामूली प्रक्रिया में आउट मरीज़ के आधार पर किया जाता है | यदि आपके भी जोड़ों में दर्द या फिर इसके गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने से परेशान है तो इसके इलाज के लिए आप ऑर्थोस्कोपी सर्जरी को करवा सकते है, इसलिए परामर्श के लिए आज ही ऑर्थोपेडिक सर्जन से मुलाकात करें |

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    ऑर्थोस्कोपी सर्जरी से आमतौर पर निम्नलिखित समस्याओं का निदान किया जाता है :- 

    • जोड़ों में दर्द 
    • जोड़ों में अकड़न होना 
    • कार्पल टनल सिंड्रोम 
    • फ्रोजेन शोल्डर की समस्या 
    • जोड़ों में अधिक द्रव का जमना 
    • जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज का नुक्सान हो जाना 
    • एक या दोनों जोड़ों में सूजन का होना 
    • कंधे की हड्डी का बार-बार हिल जाना 
    • टेम्पोरोमैंडिबुलर विकार होना 
    • टंडन और मांसपेशियों के समूह को नुकसान पहुंचना  
    • एंटीरियर क्रूसिएट लिगमेंट का क्षतिग्रस्त होना
    • घुटने की ऊपरी हड्डी के पीछे मौजूद कार्टिलेज का खराब हो जाना 
    • कंधे के आसपास मौजूद मांसपेशियों में चोट का लगना और तीव्र दर्द होना 
    • घुटने, कंधे, कोहनी, टखने या फिर अन्य जोड़ों में तीव्र दर्द, सूजन और उस हिस्से में लालिमा की समस्या का उत्पन्न होना | 

    आमतौर पर विशेषज्ञ द्वार यह सलाह दी जाती है की यदि कोई व्यक्ति गंभीर दर्द या फिर गतिहीनता की समस्या से गुजर रहा तो उसका इलाज केवल प्रबंधन करने से या फिर फिजियोथेरेपी करने से नहीं किया जा सकता, इसका स्थायी रूप से इलाज केवल अनुभवी ऑर्थोपेडिक ही कर सकता है | इसलिए समय को व्यर्थ न करते हुए इलाज के लिए तुरंत ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट से मुलाकात करें |      

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    ऑर्थोस्कोपी सर्जरी के क्या-क्या फायदे है ?

    ऑर्थोस्कोपी सर्जरी के उपयोग से शरीर में मौजूद सभी जोड़ों का आसानी से इलाज किया जा सकता है | ऑर्थोस्कोपी सर्जरी से मिलने वाले फायदे निम्नलिखित है :- 

    • छोटे कट को लगाने की ज़रुरत पड़ती है | 
    • दर्द और ब्लीडिंग होने का जोखिम कारक सबसे कम होता है | 
    • लगभग 30 से 60 मिनट की प्रक्रिया होती है | 
    • सर्जरी के बाद मरीज़ तेज़ी से रिकवरी कर सकता है | 
    • जटिलताओं होने का खतरा लगभग शून्य के बराबर होता है | 
    • जोड़ों में दर्द और अकड़न का इलाज बेहतर तरीके से किया जाता है | 
    • कार्पल टनल सिंड्रोम और एंटीरियर क्रूसिएट लिगमेंट का भी होता है बेहतर तरीके से इलाज | 

    यदि आप में से कोई भी व्यक्ति ऑर्थोस्कोपी सर्जरी को करवाना चाहते है तो इसके आज ही कल्याण हॉस्पिटल की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और इलाज के लिए अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इस संस्था के सभी डॉक्टर पंजाब के बेहतरीन ऑर्थोपेडिक्स में से एक जो आपकी समस्याओं का इलाज करने में आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकते है | इसके अलावा आप वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से संपर्क कर सीधा संस्था से भी बातचीत कर सकते है |             

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