क्या ज्यादा स्क्रीन टाइम कर सकता है आपकी रीढ़ की हड्डी को बीमार? डॉक्टर से जानें, इससे होने नुकसानों के बारे में!

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    Persistent back pain caused by kidney issues, risk factors, and remedies from expert doctors at Kalyan Hospital.

    आज ज्यादातर लोग अपना काम करने के लिए मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं और कई घंटों तक एक ही पोश्चर में बैठे रहते हैं। काम का प्रेशर उनकी रीढ़ की हड्डी को बुरी तरीके से प्रभावित कर देता है। वैसे, यह बात तो बिल्कुल सच है, कि आज की ड‍िज‍िटल लाइफ में मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल हमारी दिनचर्या का एक बहुत ही बड़ा और अहम हिस्सा बन चूका है, जिसकी वजह से हम अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान नहीं रख पाते हैं और तो और अच्छे से खा पी भी नहीं पाते हैं। ऐसे में, बीमार होना और एक ही जगह पर बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी का बुरी तरीके से प्रभावित होना लाजमी है। दरअसल, इस पर डॉक्टर का भी यही कहना है, कि जो लोग लगातार कई घंटों तक अपने ऑफिस का काम, पढ़ाई, सोशल मीडिया का हर काम मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन के सामने ही बैठकर करते हैं, तो यह रीढ़ की हड्डी की सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। रीढ़ की हड्डी को किसी भी नुक्सान से बचाने के लिए स्क्रीन टाइम को किम करना जरूरी होता है। 

    दरअसल, आपको बता दें, कि लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करना आपकी रीढ़ की हड्डी के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। रीढ़ की हड्डी पर पड़ने वाले दबाव के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें ज्यादा स्क्रीन टाइम होना, ज्यादा वक्त तक खराब पॉश्चर में बैठे रहना, गर्दन को आगे की तरफ झुकाकर मोबाइल देखना, लैपटॉप पर झुक कर काम करना और काफी लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहना शामिल हो सकता है, यह मसल की समस्या का कारण भी बन सकते हैं। दरअसल, इसे मेडिकल भाषा में टेक्स्ट नेक के नाम से भी जाना जाता है। यह सच है, कि हद से ज्यादा स्क्रीन टाइम आपकी रीढ़ की हड्डी को बीमार कर सकता है। अगर वक्त रहते इन पर ध्यान न दिया जाए, तो ऐसे में गर्दन, कंधे और कमर में होने वाले दर्द की समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

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    ज्यादा स्क्रीन टाइम से स्पाइन को होने वाले नुकसान!

    दरअसल, ज्यादा स्क्रीन टाइम से स्पाइन को होने वाले नुकसान निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

    1. पॉश्चर खराब हो जाना 

    डॉक्टर के अनुसार जब कोई व्यक्ति मोबाइल या फिर लैपटॉप पर काम करते वक्त अपनी गर्दन को आगे की तरफ झुका लेता है, तो इससे रीढ़ की हड्डी को काफी नुक्सान पहुँचता है। दरअसल, ऐसे में जब आप मोबाइल का इस्तेमाल करते वक्त अपने सिर को 45 से 60 डिग्री तक झुका लेते हैं, तो इसकी वजह से गर्दन और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों पर काफी ज्यादा तनाव पड़ता है, जिसकी वजह से गर्दन में जकड़न, कंधों में दर्द और पीठ में खिंचाव जैसी समस्या हो सकती है। 

    2. मांसपेशियों का असंतुलन होना 

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    दरअसल, लगातार एक ही पोश्चर में बैठकर काम करने से व्यक्ति के शरीर की कुछ मांसपेशियां कमजोर तो कुछ दबाव में आ जाती हैं। मांसपेशियों के इस असंतुलन की वजह से शरीर की प्राकृतिक संरचना खराब होने लगती है, जिसकी वजह से कंधों में झुकाव, पीठ में दर्द और पॉश्चर से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 

    4. नसों पर दबाव पड़ना 

    हालांकि, नसों पर दबाव तब पड़ता है, जब रीढ़ की हड्डी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। इसके कारण एक व्यक्ति को अपने हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन और साथ में कमजोरी जैसी समस्या का अभाव हो सकता है। कुछ स्थितियों में, यह दर्द गर्दन से लेकर हाथों और कमर से लेकर पैरों तक फैल सकता है, जिसको साइटिका जैसी समस्या के नाम से भी जाना जाता है। 

    निष्कर्ष: यह सच है, कि हद से ज्यादा स्क्रीन टाइम आपकी रीढ़ की हड्डी को बीमार कर सकता है। इससे रीढ़ की हड्डी को कई नुक़्सानो का सामना करना पड़त है, जिसमें पॉश्चर खराब होना, मांसपेशियों का असंतुलन होना और नसों पर दबाव पड़ना शामिल है। स्पाइन को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए आप नियमित एक्सरसाइज करना, सही पॉश्चर में बैठना और स्क्रीन टाइम को सीमित रखना जैसे उपायों को अपना सकते हैं। ऐसे में कोई भी समस्या होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और स्पाइन से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही कल्याण हॉस्पिटल के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं। 

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    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

    प्रश्न 1. हमारे शरीर में रीढ़ की हड्डी का क्या काम होता है? 

    रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर का एक बहुत ही अहम स्ट्रक्चर है, जो हमारे दिमाग से लेकर शरीर के बाकी हिस्सों तक संदेश पहुंचाने का काम करती है। 

    प्रश्न 2. रीढ़ की हड्डी को कौन-कौन सी समस्याएं प्रभावित कर सकती हैं?

    दरअसल, रीढ़ की हड्डी को मुख्य रूप से स्लिप डिस्क, नस दबना, ऑस्टियोआर्थराइटिस, फ्रैक्चर, स्कोलियोसिस, ट्यूमर, संक्रमण और एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याएं रीढ़ की हड्डी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं।

    प्रश्न 3. मैं कैसे अपनी रीढ़ की हड्डी को सेहतमंद रख सकता हूँ?

    दरअसल, अपनी रीढ़ की हड्डी को सेहतमंद रखें के लिए आप हमेशा सही पोश्चर में बैठना, नियमित व्यायाम करना और संतुलित भोजन का सेवन करना जैसे उपायों को पैन सकते हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक बैठने से बचना, भारी चीजों को सही तरीके से उठाना जैसे उपायों से भी आप रीढ़ की हड्डी को मजबूत बना सकते हैं। 

    प्रश्न 4. रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं से बचने के किन उपाय को अपना सकते हैं? 

    दरअसल, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए आप स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखना, काम के हर 30 से 40 मिनट बाद ब्रेक लेना, ब्रेक में स्ट्रेचिंग करना, बैठते वक्त अपनी पीठ को सीधा रखना, नियमित रूप से योग और बैक स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करना जैसे कुछ उपायों को अपना सकते हैं।

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